मंगलवार को छात्रों की भूख हड़ताल का तीसरा दिन था, जबकि कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए छात्रों को 27 दिन हो चुके हैं। मंगलवार को छात्रों की भूख हड़ताल में अभिभावक भी मौजूद रहे।
टीम के सदस्यों ने स्कूली बच्चों से यह भी आग्रह किया कि जब तक स्कूल में अध्यापक नहीं आ जाते, तब तक सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को पढ़ाएं, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम इस बाबत बुधवार को जिलाधीश के साथ बैठक भी करेगी, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी, ताकि छात्रों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जा सके।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम तीन घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों को हड़ताल खत्म करने पर राजी कर पाई। हालांकि स्कूली बच्चों ने यह भी साफ किया कि सात दिनों में अध्यापकों ने ज्वाइन नहीं किया तो वे फिर पढ़ाई छोड़ हड़ताल पर बैठ जाएंगे।