केंद्रीय मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि स्टेट यूनिवर्सिटी को दूरवर्ती मोड से कोर्स चलाने को यूजीसी के डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो की नई शर्त से छूट दी जाएगी। इसमें यूजीसी की नैक ग्रेडिंग में 3.26 अंक होना आवश्यक किया है। यह शर्त पूरा करने को दो साल का समय दिया जाएगा।
मल्लिका नड्डा ने बताया कि यह इक्डोल संस्थान के लिए बड़ी राहत है। इक्डोल को पिछले बैच की मान्यता मिलेगी। नए सत्र में भी सभी कोर्सों के बैच बैठ सकेंगे। विवि और इक्डोल को दो साल में डेब की 3.26 अंक लेने की शर्त पूरी करनी होगी।
वर्तमान में नैक से ए ग्रेड प्राप्त एचपीयू के 3.21 अंक हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नए नियम निजी विश्वविद्यालयों में गलत ढंग से डिग्रियां देने के मामले रोकने और उच्च शिक्षा में दूरवर्ती मोड से दी जा रही शिक्षा में सुधार के लिए लागू किए गए हैं।