हिमाचल प्रदेश के 11 कॉलेजों से बीवॉक कोर्स के पहले सेमेस्टर के करीब 400 विद्यार्थियों का पांचवें और छठे सेमेस्टर का परिणाम प्रदेश विवि ने रोक दिया है। पांचवें और छठे सेमेस्टर की 400 रुपये प्रति सेमेस्टर फीस और 1200 रुपये फाइन कुल 3200 रुपये जमा करवाने और फार्म भरने के बाद ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
इसको लेकर विवि ने सभी कॉलेजों को आदेश जारी कर दिए हैं। छात्र संगठन एबीवीपी ने विवि की इस करवाई का विरोध किया है। इस आदेश को वापस लेने की मांग के साथ छात्रों का परिणाम घोषित करने की मांग की है।
एचपीयू ने बीवॉक के पांचवें और छठे सेमेस्टर का सिर्फ धर्मशाला कॉलेज के छात्रों का परिणाम घोषित किया है। इन्होंने तय समय पर दोनों सेमेस्टर के परीक्षा फार्म और निर्धारित 400 रुपये फीस जमा करवा दी थी। इस मामले में संबंधित कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। विवि प्रशासन का तर्क है कि बीवॉक डिग्री करवाने वाले सभी कॉलेजों को समय पर छात्रों से दो सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरवाकर 400 रुपये फीस लेने को कहा गया था। कॉलेजों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
फीस, फाइन देने पर ही जारी होगा परिणाम : डॉ. नेगी
परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने साफ किया कि सभी बीवॉक विद्यार्थियों को 400 रुपये प्रति सेमेस्टर फीस और 1200 फाइन दो सेमेस्टर का कुल 3200 रुपये अदा करने पड़ेंगे। इसके बाद ही रिजल्ट घोषित होगा। धर्मशाला कॉलेज के छात्रों का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है।
कॉलेजों को फार्म भरने के लिए कहा गया था, मगर दो सेमेस्टर की ट्रेनिंग की बात कहकर कॉलेजों ने इसे टाल दिया था। कहा कि फाइन के न्यूनतम 1200 रुपये अदा न करने पर रिजल्ट और डिग्री के लिए 20 हजार भी देने पड़ सकते हैं।