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ईयर सिस्टम का फैसला तो ले लिया लेकिन छात्रों को नहीं मिल रही बड़ी राहत

Thu, 14 Jun 2018 01:41 PM IST
नरेंद्र एस. कंवर, अमर उजाला, शिमला
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सरकार ने यूजी डिग्री कोर्स को ईयर सिस्टम में बदलने का फैसला तो ले लिया है, लेकिन इससे छात्रों को बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही। इसमें महज वार्षिक परीक्षा होने का ही बदलाव आएगा। इसमें दो सेमेस्टरों की परीक्षाएं साल में एक बार होंगी, जबकि डिग्री के लिए विद्यार्थियों को क्रेडिट पूरे करने ही होंगे।

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पहले कोर्स कोड सेमेस्टर की पहचान थे, ये कोड अब ईयर सिस्टम में संकाय के मुताबिक बदले जाएंगे। यूजीसी ने 2016 में सिलेबस और सीबीसीएस को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। एचपीयू को सिलेबस बनाते हुए और उनके मूल्यांकन में भी कोई बड़ा बदलाव इसके दायरे में रहकर ही करना होगा।

कुछ ऐसी ही गाइडलाइंस और बदलाव का खाका प्रदेश विवि को सरकार से मिला है। इससे जाहिर है कि सिर्फ सिस्टम का लेबल ही बदलेगा, जबकि छात्रों को दो सेमेस्टर की आठ-आठ परीक्षाएं एकसाथ देनी होंगी।
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वहीं, एक या दो शिक्षकों के सहारे चल रहे कॉलेजों में शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। ईयर सिस्टम में भी डिग्री के लिए वही 132 क्रेडिट, जबकि ऑनर्स डिग्री के लिए 148 क्रेडिट तीन साल में पूरे करने होंगे।

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अब तक तैयार किया गया खाका

सरकार की गाइडलाइन और अब तक तैयार खाके के मुताबिक तय किए जाने वाले सिलेबस और रेगुलेशन की स्थिति अगले एक हफ्ते में साफ होने की उम्मीद है।

वहीं, रूसा सेमेस्टर को ईयर में बदले जाने पर यूजी के छात्रों को कोर्स परीक्षा में रिवेल्यूएशन की सुविधा मिल सकती है, जबकि कमेटी के प्रस्ताव के मुताबिक आठ में से दो परीक्षाओं में फेल छात्र की कंपार्टमेंट आएगी और तीन में फेल होने पर छात्र उसी कक्षा में रहेगा।

अब तक तैयार किया गया खाका- सीबीसीएस सेमेस्टर को ईयर सिस्टम में लाने के लिए तैयार खाके के मुताबिक तीन साल के यूजी डिग्री कोर्स में छात्र बीएससी में 12 कोर कोर्स पढ़ेगा। इसमें 72 क्रेडिट मिलेंगे। आठ क्रेडिट के एबिलिटी एनहांसमेंट के छह कोर्स पढ़ाए जाएंगे।

दो अनिवार्य कोर्स, जबकि एक पर्यावरण विज्ञान और हिंदी, इंग्लिश या संस्कृति में से एक कोर्स पढ़ना होगा। वहीं, छात्र चार स्किल एनहांसमेंट (कौशल विकास) कोर्स पढ़ेगा, जिसमें चार क्रेडिट प्रति कोर्स 16 क्रेडिट मिलेंगे।

नए सिलेबस में इनमें कुछ बदलाव हो सकता है। संकाय आधारित इलेक्टिव के कुल छह कोर्स होंगे, जिसके 36 क्रेडिट मिलेंगे। इसी तर्ज पर बीए और बीकॉम में भी कोर्स पढ़ाए जाएंगे।

ऐसे बनेंगे क्रेडिट- (कोर कोर्स 72 क्रेडिट+ एबिलिटी एनहांसमेंट कोर्स 8 क्रेडिट + स्किल एनहांसमेंट कोर्स 16+इलेक्टिव कोर्स 36 =132 क्रेडिट) 
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