इनमें निंबस और इंडिया साइटेशन कंपनी ने प्रेजेंटेशन दी है। इन दोनों कंपनियों से विवि के करीब ढाई सौ शिक्षकों को ट्रायल के तौर पर इस ई-रिसोर्स सॉफ्टवेयर को एक माह तक प्रयोग करने को लिंक देने को कहा गया है। एक माह बात यही कंपनियां बताएंगी कि उनके सॉफ्टवेयर का कितने लोगों ने कितना समय प्रयोग किया, किस तरह के विषय सर्च किए गए, उन्हें जानकारी उपलब्ध हुई या नहीं। इसी के आधार पर सेल और विवि प्रशासन किसी एक कंपनी को चुनकर उसके साथ इस सुविधा को छात्रों को देने का करार करेगा।
2.80 हजार तक की राशि और सालाना दस फीसदी राशि खर्च कर मिल जाएगी सुविधा
आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. चंद्र मोहन परशिरा ने बताया कि इन दोनों कंपनियों की सेवाएं पसंद आने पर ही करार के बारे आगे बात बढ़ेगी। जिसमें करीब करीब 2.80 लाख की एकमुश्त राशि विवि देगा, वहीं सालाना दस फीसदी देना होगा, जो 28 हजार के करीब पड़ेगा। जिससे विवि के करीब 5000 छात्र, शिक्षक ई रिसोर्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विवि में इससे शोध कार्य कर रहे शिक्षकों, शोधार्थियों के साथ आम छात्रों को लाभ मिलेगा, वे ऑनलाइन लाखों आर्टिकल और किताबों को देख सकेंगे और सामग्री डाउनलोड कर सकेंगे।