स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षाएं होंगी या नहीं, इस पर अभी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी से दिशा-निर्देशों का इंतजार है। प्रदेश विश्वविद्यालय यूजी की परीक्षाएं 15 जुलाई से करवाने को लेकर तैयारी कर रहा है। कोरोना काल में परीक्षा केंद्र में सोशल डिस्टेंसिंग बनाने, कर्मचारियों और हजारों परीक्षार्थियों की सुरक्षा को विवि पुख्ता इंतजाम कर रहा है। विवि परीक्षार्थियों के लिए घर के नजदीक परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने की सुविधा भी दे रहा है।
यदि परीक्षाएं करवाने का केंद्र ने फैसला लिया और सरकार से आदेश आए तो परीक्षार्थी राज्य के किसी भी परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे सकेंगे। छात्र को सिर्फ अपने कॉलेज को इसकी सूचना देनी होगी। संबंधित कॉलेज विवि को सूचित करेगा और एचपीयू डिमांड के मुताबिक परीक्षा केंद्र को प्रश्नपत्र भेजेगा। अन्य इंतजाम भी कॉलेज से आने वाले सिटिंग प्लान और क्षमता और परीक्षार्थियों की संख्या के मुताबिक किए जाएंगे।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि संक्रमण के खतरे के चलते यदि परीक्षाएं होती हैं तो छात्र अपने घर के नजदीकी यूजी, पीजी परीक्षा केंद्र में भी परीक्षा देगा। छात्र को कॉलेज प्राचार्य को आवेदन कर सूचित करना होगा। उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी जाएगी।
विवि के छात्रों को च्वाइस का परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा मिलने से प्रदेश में पढ़ने वाले छात्र किसी भी परीक्षा केंद्र में अपीयर हो सकेंगे। उसे परीक्षा देने को जाने के लिए सफर नहीं करना पड़ेगा। परीक्षा को बाहर रुकने, खाने पीने की व्यवस्था में पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।