वर्तमान में पहले और दूसरे वर्ष के विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा प्रणाली, जबकि तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को सेमेस्टर सिस्टम के तहत परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं। वहीं विवि प्रशासन का तक है कि बीते लंबे समय से अनुपूरक परीक्षाओं के लिए कम परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। चूंकि एक परीक्षा केंद्र पर विवि के करीब 2 से 2.50 लाख रुपये खर्च होते हैं।
सालों से कम ही बनाए जाते हैं परीक्षा केंद्र
हिमाचल प्रदेश विवि के कुलपति डॉ. सिकंदर कुमार का कहना है कि अनुपूरक परीक्षाओं के लिए कई सालों से कम ही परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। चूंकि अनुपूरक परीक्षाएं देने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम होती है। परीक्षा केंद्र अधिक होने के चलते विवि का खर्च बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में कई महाविद्यालयों से पत्र मिले थे। तीन दिन पूर्व ही विवि की परीक्षा नियंत्रण शाखा और अन्य सभी अधिकारियों से विवि का परीक्षाओं के संचालन पर होने वाला खर्च और अनुपूरक परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है।