विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि जैसे ही ये छात्र लॉग इन आईडी क्रिएट करेंगे। वैसे ही इसकी ऑनलाइन जानकारी पोर्टल पर मिल जाएगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की ओर से जो प्रथम सेमेस्टर के प्रोविजनल रोलनंबर दिए गए हैं, छात्र को इसकी जगह स्थायी रोलनंबर मिल जाएगा। उसी के आधार पर वह आगे परीक्षाएं देगा।
तीसरे सेमेस्टर पर पुराने रि-अपीयर छात्रों को नहीं समस्या
विवि का दावा है कि पुराने पंजीकृत पीजी कोर्स के तीसरे, पांचवें सेमेस्टर के और रि-अपीयर परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को रोलनंबर की कोई समस्या नहीं है। वे अपने पुराने रोलनंबर पर ही परीक्षा दे रहे हैं। उनके फार्म भी ऑफलाइन भरे गए थे। पीजी कोर्स में वर्तमान में करीब 60,000 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं।