प्रदेश विश्वविद्यालय ने 29 जुलाई रविवार को एमकॉम की प्रवेश परीक्षा ली। पहले यह परीक्षा 23 मई को ली गई थी। इस पर विवाद होने के बाद विवि ने 18 जून को इसे रद्द करने का फैसला लिया था। रविवार को एमकॉम की प्रवेश परीक्षा के लिए एचपीयू के दो परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ मंडी, हमीरपुर और धर्मशाला में सेंटर स्थापित किए गए थे।
हजारों छात्र-छात्राओं ने यह परीक्षा दी। प्रदेश विवि के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. अरविंद कालिया ने बताया कि प्रदेश में स्थापित केंद्रों में शांतिपूर्ण तरीके से प्रवेश परीक्षा करवाई गई। उन्होंने बताया कि कहीं से भी गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं आई है।
प्रवेश परीक्षा का परिणाम जल्द घोषित कर दिया जाएगा। प्रो. कालिया ने बताया कि रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर अगस्त महीने के पहले पखवाड़े में ही प्रवेश प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।
प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग की प्रक्रिया के आधार पर ही विवि के एमकॉम विभाग और एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। विवि की सेंट्रलाइज्ड प्रवेश प्रक्रिया के तहत ही इस कोर्स में भी प्रवेश और कांउसलिंग आयोजित की जाती है।
यह हुआ था विवाद- एचपीयू ने 23 मई को एमकॉम के लिए प्रवेश परीक्षा करवाई थी। एसएफआई ने इस परीक्षा के प्रश्न पत्र की सेटिंग पर सवाल उठाए थे। आरोप लगाया था कि एक वरिष्ठ प्रोफेसर की ओर से लिखी किताब में से 83 सवाल चंद पन्नों से ही पूछ लिए गए हैं।
छात्र संगठन ने प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल उठाकर खूब हंगामा किया था। कुल 100 नंबर की इस परीक्षा के प्रश्नपत्र पर सवाल उठने के बाद प्रदेश विश्वविद्यालय ने पहले 12 जुलाई और फिर 29 जुलाई को प्रवेश परीक्षा करवाने का निर्णय लिया था।