कार्यकारी परिषद में विवि के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) के नोयडा में स्थित स्टडी सेंटर को लीज पर दिए जाने को मंजूरी दे दी गई है।
इस लीज रेंट के भुगतान के बाद विश्वविद्यालय सेंटर को मासिक 30 लाख के किराये पर सीबीएसई को देगा। इससे विवि को सालाना साढ़े तीन करोड़ की आय होगी।
विश्वविद्यालय के इक्डोल के सेंटर में न्यायालय के आदेशों और यूजीसी के नए नियमों में प्रदेश के बाहर सेंटर खोले जाने पर लगाई गई रोक के बाद कक्षाएं नहीं चल रही थी। इसलिए विश्वविद्यालय ने इस सेंटर को लीज पर देने का प्रस्ताव कार्यकारी परिषद की मंजूरी के लिए रखा था। इसे ईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी है।
विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में विवि के ग्यारह शिक्षकों को कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम में साक्षात्कार के बाद पदोन्नति का तोहफा मिला है।
कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विवि के मालरोड में चल रहे सेंटर फॉर इवनिंग स्डीज को विश्वविद्यालय का विभाग बनाए जाने के प्रस्ताव को ईसी ने मंजूरी प्रदान कर दी। अब सेंटर का नाम बदल कर सांध्यकालीन अध्ययन विभाग रखा गया है।
परिषद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से विवि परिसर में संचालित किए जा रहे मानव संसाधन विकास केंद्र को लेकर जारी ताजा दिशा निर्देशों के मुताबिक एचपीयू और यूजीसी के साथ सहमति पत्र को हस्ताक्षर करने को भी स्वीकृति प्रदान की है।
कार्यकारी परिषद की इस बैठक में जीवन वृत्त उन्नति योजना (सीएएस ) के अन्तर्गत पदोन्नत किए गए शिक्षकों में विधि विभाग में दो सह आचार्य डॉ. रूना मेहता, डॉ. राजिंद्र वर्मा, राजनीति शास्त्र से सह आचार्य डॉ. मृदुला शारदा, वाणिज्य में आचार्य डॉ. आरती धवन पंडित, शिक्षा विभाग के दो आचार्य डॉ. कुलदीप कटोच, डॉ. अजय कुमार अत्री, सह-आचार्य डॉ. विशाल सूद, इतिहास विभाग में सह आचार्य डॉ. अरुण कुमार सिंह, मनोविज्ञान विभाग में आचार्य डॉ. अनिता शर्मा, सह आचार्य डॉ. सुनील शर्मा, पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग में डॉ. विकास डोगरा को आचार्य के पद पर पदोन्नति करने को मंजूरी प्रदान की गई है।
केंद्र अब यूजीसी के नए दिशा निर्देशों के मुताबिक देश भर के शिक्षकों के लिए पुनश्चर्या कार्यक्रम संचालित करेगा। वहीं ईसी ने डा. केशव बलिराम हेडगेबार और स्वामी विवेकानंद पीठ स्थापित करने, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वामी दयानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और गुरू नानक देव पीठ को क्रियाशील करने को भी स्वीकृति प्रदान की है। सुलभ अंतरराष्ट्रीय संस्था को पूरे विश्वविद्यालय की सफाई व्यवस्था का काम सौंपे जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई। इस अवसर पर प्रति-कुलपति आचार्य राजेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य भी मौजूद रहे।