छात्रों की मांग पर इसे 15 मई तक बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि पांच मई तक विवि के एडमीशन पोर्टल के माध्यम से करीब तीन हजार ने ऑनलाइन आवेदन किया है। इस बार भी आवेदनकर्ताओं का आंकड़ा चार हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
एचपीयूबीएस ही एमबीए में प्रवेश के लिए एचपीयू मेट-2018 करवा रहा है। इसमें एचपीयूबीएस संस्थान की 60-60 सब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटें पर प्रवेश दिया जाना है। विवि के रिजनल सेंटर धर्मशाला की तीस सेल्फ फाइनांसिंग सीटों के लिए भी परीक्षा प्रवेश आधार होती है।
साल दर साल विवि से एमबीए कोर्स करने के इच्छुक आवेदकों की संख्या कम हो रही है। किसी समय में एचपीयू ही प्रदेश में एमबीए कोर्स के लिए एचपीयू मेट लेता था। अब विवि सिर्फ अपने संस्थानों के लिए ही यह परीक्षा करवाता है। पिछले सत्र में एचपीयू मेट में करीब साढ़े चार हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था।