निदेशक प्रो. पीएल शर्मा ने कहा कि बीटेक आईटी, बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रिकल और बीटेक इलेक्ट्रॅानिक्स एंड कम्यूनिकेशन की इस बार 360 सीटों के लिए यह आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
एचपीयू ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) में शैक्षणिक सत्र में पांचों बीटेक कोर्स में प्रवेश का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके लिए 15 जून से एडमिशन पोर्टल को खोल दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 15 जून से दस जुलाई तक चलेगी। सरकार के निर्देशों मुताबिक पहली बार इन पांचों कोर्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए छह-छह सीटें आरक्षित रहेेंगी। जो तय 60 सीटों के अलावा होंगी।
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पात्र अभ्यर्थी के न मिलने पर सीटें खाली रहेंगी। इसकी मेरिट अलग से बनेगी। संस्थान एआईसीटीई के निर्देशों के मुताबिक हर कोर्स में दो सीटें मेरिटोरियस छात्राओं के लिए तीन सीटें ढाई लाख से कम पारिवारिक आय वाले छात्रों और सभी दिव्यांगों के लिए मुफ्त में कोर्स करने की अलग से सुविधा देता है। संस्थान के निदेशक प्रो. पीएल शर्मा ने कहा कि बीटेक आईटी, बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, बीटेक सिविल इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रिकल और बीटेक इलेक्ट्रॅानिक्स एंड कम्यूनिकेशन की इस बार 360 सीटों के लिए यह आवेदन आमंत्रित किए गए है।
संस्थान ने अभी कोरोना संक्रमण के खतरे और शिक्षण संस्थानों के बंद होने के कारण प्रवेश परीक्षा की तिथि तय नहीं की है। इसे बाद में तय कर छात्रों को सूचित किया जाएगा। इन कोर्स में प्रवेश के लिए सामान्य वर्ग में जमा दो की परीक्षा में 50 फीसदी अंक (फिजिक्स और मेथ) विषय के साथ, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए जमा दो में 45 फीसदी (फिजिक्स और मेथ) प्राप्तांक वाले छात्र पात्र होंगे। हर कोर्स की तय 60-60 सीट के अलावा इन छात्रों से भरी जाएगी। आरक्षित वर्ग के लिए अलग से सीटें रखी गई है।
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एआईसीटीई से पांचों बी टेक कोर्स चलाने को मिली मंजूरी
यूआईटी के निदेशक प्रो. पीएल शर्मा ने कहा कि ऑल इंडिया काउंसिल फार टीचिंग एजूकेशन (एआईसीटीई ) ने पांचों बीटेक कोर्स का बैच 2021-22 में बैठाने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि एआईसीटीई हर साल के लिए बैच बिठाने की अनुमति देता है।
12वीं का परिणाम नहीं आने से बढ़ सकती है आवेदन तिथि
अभी तक सीबीएसई और एचपी बोर्ड के बारहवीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की तिथि तय नहीं हुई है। इसलिए परिणाम कब तक घोषित होगा, इस पर फैसला होना है। इसलिए आवेदन की अंतिम तिथि संस्थान को बढ़ानी भी पड़ सकती है।