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दो दिन होगी एमफिल प्रवेश परीक्षा, एचपीयू ने बनाए तीन सेंटर

Fri, 22 Sep 2017 02:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय 28 और 29 सितंबर को विवि में विभिन्न विषयों की एमफिल प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। इसके लिए विवि में तीन परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। 
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विश्वविद्यालय की परीक्षा विंग ने परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के साथ रोलनंबर जारी कर दिए हैं। इनमें से सबसे अधिक कॉमर्स में 194 परीक्षार्थी बैठेंगे, जबकि योग में सबसे कम बारह परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। 

ये प्रवेश परीक्षा सुबह और दोपहर बाद के दो सत्र में आयोजित की जाएगी। इसके लिए विवि में आर्ट्स ब्लॉक, गांधी भवन, साइंस ब्लॉक में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। 
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एमफिल की इस प्रवेश परीक्षा के लिए आए आवेदनों में एडवांस डिप्लोमा इन रिमोट सेंसिंग में 13, बॉटनी में 72, जूलॉजी में 46, केमिस्ट्री में 78, राजनीति शास्त्र में 152, साइकोलॉजी में 31, योगा में बारह, इतिहास में 82, इंग्लिश में 147, कॉमर्स में 194, फिजिकल एजूकेशन में 21, परफारर्मिंग आर्ट में 27, फिजिक्स में 51, मैथेमेटिक्स में 81, बायो टेकभनोलॉजी में 24, हिंदी में 212, संस्कृत में 52, अर्थशास्त्र में 142, समाज शास्त्र में 35, भूगोल में 34, लोक प्रशासन में 17, एजूकेशन में 38 और एलएलएम में 116 परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा देने बैठेंगे।
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जेओए चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा गत महा किए गए जेओए(आईटी जूनियर ऑफिस एसिस्टेंट) के लिए उम्मीदवारों के चयन पर कई सवाल खड़े हो गए है। उम्मीदवारों ने पूरी चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को नौकरी दे दी गई जिनके डिप्लोमा मान्यता प्राप्त नहीं था। 

बोर्ड ने पहले 1859 उम्मीदवारों के डिप्लोमा को अवैध करार दे दिया। जिसके बाद अवैध डिप्लोमा धारकों में 681 उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया। जिससे इस पूरी की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए है। 

बोर्ड की शर्त के अनुसार जमा दो की योग्यता के साथ साथ सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से एक वर्षीय नियमित कंप्यूटर कोर्स डिप्लोमा धारक ही जेओएआईटी पोस्ट कोड 447 के आवेदन कर सकते थे। 

बिलासपुर से निर्मला, कांगड़ा से पंकज,चंबा से रोहित, जाकिर हुसैन व कुशल कुमारी ने बताया कि हालांकि उन्होंने बोर्ड की शर्तों को पूरा करते हुए जेओए आईटी की परीक्षा पास करने के बाद टाइपिंग टेस्ट भी पास कर लिए थे। 

लेकिन साक्षात्कार के बाद आए परिणाम में उन्हें बाहर कर दिया गया हैं। चयन से बाहर हुए अभ्यर्थियों का कहना है कि शर्तो को नजर अंदाज कर के 681 अवैध डिप्लोमा धारकों का चयन कर लिया गया। 

बताया कि हमीरपुर चयन बोर्ड ने 1411 पद जेओए आईटी के पोस्ट कोड.447 के अंतर्गत हिमाचल सरकार के विभिन्न विभागों में भरे जाने हैं। इसलिए 2015 के दौरान आवेदन मांगे गए थे। 

जिसके बाद दो चरणों में 2016 व 2017 में उक्त पदों को भरने हेतु लिखित परीक्षा में पास हुए व टाइपिंग टेस्ट में सफल रहे लगभग 3970 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।

चयन से बाहर हुए इन अभ्यर्थियों का कहना है कि जब बोर्ड ने अपनी बेवसाईट में 21 अगस्त को यह स्पष्ठ रूप से दर्शाया हुआ था कि साक्षत्कार को बुलाये 3970 अभ्यर्थियों में से 1859 के डिप्लोमा अवैध पाए गए हैं। 

लेकिन बाद में दर्शाये गए इन्हीं 1859 अवैध डिप्लोमा धारकों में से 681 धारक अभ्यर्थियों का चयन कैसे कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार चयन बोर्ड हमीरपुर ने 6 से 9 सितंबर के बीच अवैध घोषित किए गए 681 अभ्यर्थियों से मेल के माध्यम से कार्यालय में अंडरटेकिंग देने को प्रोफार्मा भेजा हुआ है। 

जिन्होंने निजी संस्थानों से डिप्लोमा लिए हुए थे। जिसमे उससे अपनी कंप्यूटर डिप्लोमा की वांछित जानकारी तुरंत मांगी हुई थी। इस जल्दबाजी के पीछे क्या कारण रहे होंगे यह भी सवाल बना हुआ है। 

प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों व मान्य ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार तथा मेरिट के आधार पर ही उपरोक्त चयन किया गया है। चयन में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। कोई भी व्यक्ति बोर्ड कार्यालय में संपर्क कर सकता है। आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद व निराधार हैं। -डॉ.जितेंद्र कंवर, सचिव, हिमाचल प्रदेश चयन बोर्ड हमीरपुर
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