निर्धारित मापदंड पूरे नहीं करने वाले प्राइवेट कॉलेजों पर गाज गिरने वाली है। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे महाविद्यालयों की एफिलेशन रुक सकती है। हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रदेश के भीतर चल रहे सभी प्राइवेट महाविद्यालयों में स्टाफ समेत अन्य आधारभूत ढांचे की जांच करेगी। साथ ही सभी प्राइवेट कॉलेजों की वर्ष 2017-18 के लिए संबद्धता का रिन्युअल भी होगा।
टेक्निकल विवि 14, 15 और 16 फरवरी को अपनी अधीन चल रहे सभी महाविद्यालयों की नए शैक्षणिक सत्र के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के नियमों के अनुसार निर्धारित मापदंडों की जांच करेगा। इसके लिए सभी महाविद्यालयों को
तीन दिवसीय प्रेजेंटेशन के लिए टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर के कैंपस में बुलाया गया है। यहां पर प्राइवेट महाविद्यालयों के तकनीकी टीचिंग स्टाफ,, लैब, बिल्डिंग समेत अन्य सुविधाओं की जांच-पड़ताल होगी। टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुणात्मक शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
इंजीनियरिंग, फार्मेसी और मैनेजमेंट को भी मिलेगी मंजूरी
हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर ने प्रदेश भर के महाविद्यालयों से नए कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन भी मांगे हैं। नए सत्र में बीएससी बायो-टेक्नोलॉजी और बीएससी हॉस्पिटेलिटी समेत अन्य कोर्स शुरू किए जाएंगे। 14 फरवरी को इंजीनियरिंग कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन करने वाले प्राइवेट महाविद्यालयों को मान्यता प्रदान की जाएगी।
15 फरवरी को बी-फार्मेसी और 16 फरवरी को एमबीए मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने के लिए संबद्धता प्रदान की जाएगी। विवि ने 31 जनवरी तक नए कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन मांगे थे। इस अवधि में प्रदेशभर के महाविद्यालयों ने नए कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन किए हैं।
प्रदेश के इन 63 कॉलेजों में मिल रही तकनीकी शिक्षा
प्रदेश में इंजीनियरिंग के सरकारी क्षेत्र में 4, जबकि 14 निजी महाविद्यालय हैं। इसी तरह फार्मेसी के तीन सरकारी, जबकि 13 प्राइवेट, एमबीए के 3 सरकारी, जबकि 12 प्राइवेट, एमसीए का एक सरकारी, जबकि दो प्राइवेट, एम-टेक के 8 और एम-फार्मेसी के 4 महाविद्यालय जो निजी क्षेत्र मेें चल रहे हैं। इन महाविद्यालयों हजारों की संख्या में विद्यार्थी टेक्निकल एजूकेशन हासिल कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर के कुलपति प्रो. आरएल शर्मा ने कहा कि विवि 14, 15 और 16 फरवरी को अपने अधीन चल रहे सभी महाविद्यालयों की नए शैक्षणिक सत्र के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के नियमों के अनुसार निर्धारित मापदंडों की जांच करेगा। इसके बाद एफिलेशन रिन्युअल होगी।