प्रदेश के हजारों विद्यार्थी रि-अपीयर परीक्षा को आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड के स्टेट ओपन स्कूल ने परीक्षा शुल्क जमा करवाने की आखिरी तारीख 31 मई रखी है। साथ ही यह शर्त भी रखी है कि स्कूल में स्थापित अध्ययन केंद्र में ही एटीएम या डेबिट कार्ड से परीक्षा शुल्क जमा होगा। यह शर्त हजारों युवाओं पर भारी पड़ती नजर आ रही है, क्योंकि अधिकतर छात्रों के अपने बैंक खाते नहीं हैं। जिनके बैंक खाते हैं भी तो उनके एटीएम कार्ड नहीं हैं।
इससे उनकी दिक्कतें और बढ़ गई हैं। हालांकि, अब अधिकतर विद्यार्थियों ने बैंक खाते खुलवा लिए हैं, लेकिन उन्हें एटीएम कार्ड मिलने में करीब एक से डेढ़ हफ्ते का समय लगेगा। ऐसे में आवेदन की तारीख नजदीक होने के कारण उन्हें चिंता सता रही है कि वे कहीं आवेदन करने से ही वंचित न रह जाएं। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने आठ मई को एसओएस (स्टेट ओपन स्कूल) की दसवीं की परीक्षा का परिणाम घोषित किया था।
बोर्ड के अनुसार परीक्षा में कुल 8549 विद्यार्थी बैठे थे। इनमें 5060 को रि-अपीयर आई है। शिक्षा बोर्ड ने रि-अपीयर परीक्षा फार्म समेत परीक्षा जमा करवाने के लिए आखिरी तारीख 31 मई रखी है। केवल स्कूलों में स्थापित अध्ययन केंद्र में ही ऑनलाइन आवेदन और एटीएम से परीक्षा शुल्क जमा होना है, लेकिन जिन बच्चों के पास एटीएम कार्ड नहीं हैं, वे परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवा पा रहे हैं।
बच्चों के अभिभावकों अनिरुद्ध शर्मा, संदीप कुमार, विवेक पठानिया और सरिता देवी का कहना है कि उनके बच्चों के पास एटीएम कार्ड तो दूर बैंक खाता भी नहीं है। अध्यापक संबंधित केंद्र में नकद फीस लेने से मना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एटीएम कार्ड के साथ नकद परीक्षा शुल्क का प्रावधान भी होना चाहिए।
स्कूलों में स्थापित अध्ययन केंद्र के साथ बोर्ड के परीक्षा शुल्क काउंटर, घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने परीक्षा शुल्क जमा करवाने की सुविधा होनी चाहिए। स्कूलों के बार-बार चक्कर काटने से समय की बर्बादी हो रही है। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ हरीश गज्जू ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों के बैंक खाते या एटीएम नहीं हैं। ऐसे अभ्यर्थी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से भी फीस जमा करवा सकते हैं।