स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी
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इग्नू की तर्ज पर स्कूल शिक्षा बोर्ड राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के अध्ययन केंद्रों को विकसित करेगा। इसके लिए शिक्षा बोर्ड ने पूरा खाका तैयार किया है। अध्ययन केंद्रों में एसओएस में पंजीकृत विद्यार्थियों की अवकाश और रविवार को रूटीन में कक्षाएं भी लगेंगी। इसके लिए बोर्ड पात्र बेरोजगारों को बतौर स्त्रोत व्यक्ति भी तैनात करेगा।
हालांकि जिस सरकारी या निजी स्कूल में एसओएस का अध्ययन केंद्र स्थापित किए हैं, उस स्कूल के शिक्षकों को पढ़ाने के लिए अवसर दिया जाएगा। फिर भी अगर जरूरत होगी, तो बाहरी पात्र व्यक्ति को एसओएस के अध्ययन केंद्र में पढ़ाने के लिए तैनात किया जाएगा। इसके अलावा अध्ययन केंद्र के बोर्ड एक पर्यवेक्षक, जो बाहरी होगा। साथ ही एक समन्वयक, सह समन्वयक और शिक्षक परामर्शदाता तैनात करेगा। शिक्षक परामर्शदाताओं की सूचि बोर्ड द्वारा की फाइनल की जाएगी।
एसओएस के तहत पंजीकृत विद्यार्थियों को कक्षाएं के अलावा मॉडल भी बनाने होंगे। इसके साथ चार से अधिक असाइंमेंट भी दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड सामग्री उपलब्ध करवाएगा। बोर्ड ने एसओएस के लिए अलग विंग स्थापित किया है, जो सालभर एसओएस के छात्रों की समस्याओं के निदान का काम करेगा।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा कि पिछले एक साल में एसओएस में तीन गुणा पंजीकरण बढ़ा है। वर्तमान में सूबे में 249 अध्ययन केंद्र चल रहे हैं, जिन्हें सुदृढ़ करने के लिए पूरी तैयारियां हो गई है।