दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) में कांउसलिंग के दौरान सीट मिलने के बाद उस पर उपस्थिति दर्ज न करवाने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा सीट नहीं मिलेगी। हाल ही में हुई काउंसलिंग के दौरान दूरदराज के क्षेत्रों और निजी शिक्षण संस्थानों में मिल रही सीटों पर अभ्यर्थी उपस्थिति दर्ज नहीं करवा रहे हैं। इन अभ्यर्थियों को अब दोबारा डीएलएड की सीट हासिल करने का मौका नहीं मिलेगा।
इस दौरान केवल उन्हीं अभ्यर्थियों पर स्कूल शिक्षा बोर्ड विचार करेगा, जोकि संबंधित सीट पर अपनी उपस्थिति दर्ज न करवा पाने का कोई ठोस कारण बताएंगे। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने डीएलएड की रिक्त पड़ी सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग करवाई है। इससे पहले हुई काउंसंलिंग में जो अभ्यर्थी पात्र थे और बोर्ड की ओर से उन्हें सीटें भी आवंटित की थी, लेकिन उन्होंने संबंधित शिक्षण संस्थान में पहुंच कर उस सीट पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई, जिसके चलते वे सीटें रिक्त पड़ी थीं। इन्हीं सीटों को भरने के लिए दोबारा से बोर्ड प्रबंधन को काउंसलिंग करवानी पड़ी है।
काउंसंलिंग के दौरान आवंटित की जा रही डीएलएड सीटों पर अभ्यर्थी अपनी ज्वाइनिंग नहीं दे रहे हैं, जिसके चलते सीटें रिक्त रह रही हैं। ज्वाइनिंग न देने वाले अभ्यर्थियों के दावों पर अब बोर्ड कोई विचार नहीं करेगा। इस दौरान केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को सीट मिल सकेगी, जो ज्वाइनिंग न दे पाने का कोई ठोस कारण बताएंगे।
- डॉ. सुरेश कुमार सोनी, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड।