एचपीयू ने वर्ष 2014 में परीक्षा से संबंधित और परीक्षा फीस की दरों में की गई बढ़ोतरी की नई दरों को लेकर लागू अधिसूचना में बदलाव कर छात्रों को राहत दी है।
पूर्व में तय नई दरों के मुताबिक परीक्षा फार्म में शुद्धिकरण और आवश्यक दस्तावेज आदि जमा करवाने की एक हजार फीस वसूली जा रही थी, उसे घटाकर अब 600 रुपये कर दिया गया है। हालांकि अधिसूचना में पूर्व में भी यह फीस 600 रुपये ही थी।
मगर विवि इसके स्थान पर अब तक एक हजार प्रति फार्म फीस वसूल कर रहा था। विवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से 25 जून को फीस बढ़ोतरी की अगस्त 2014 की अधिसूचना के शुद्धिकरण में हुई इस चूक को दुरुस्त कर छात्रों को राहत दी है।
अब तक ली जा रही थी इतनी फीस
अब तक विवि कैसे 600 के स्थान पर इस मद में एक हजार फीस वसूल रहा था, यह अपने आप में जांच का विषय है, मगर अब विवि की ओर से लिए गए फैसले से निश्चित तौर पर प्रदेश भर के हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।
अब तक यदि किसी फार्म में कॉलेज स्तर या फिर छात्र द्वारा ही इसे भरते समय नाम, उपनाम, पिता का नाम सहित किसी भी तरह की गलती हो जाने या फिर फार्म भरने के समय आवश्यक दस्तावेज साथ न दिए जाने की भूल को सुधारने के लिए एक हजार फीस साथ में देनी पड़ रही थी।
जबकि वास्तव में बढ़ाए गए फीस स्ट्रक्चर में यह पहले से 600 ही तय की गई थी। इसके स्थान पर एक हजार फीस लिए जाने की चूक के ध्यान में आने पर विवि के परीक्षा नियंत्रक की ओर से अलग से अधिसूचना जारी की गई है।
विवि ने मानी गलती, संकाय बदलने की फीस भी स्पष्ट की
इसमें साफ किया गया है कि इस कार्य के लिए अब 600 रुपये फीस ही ली जाएगी। इसी अधिसूचना में प्राइवेट या फिर इक्डोल के माध्यम से डिग्री करने वाले छात्रों के लिए परीक्षा फार्म भरते समय संकाय बदले जाने की फीस पर भी स्थिति साफ की गई है।
इसकी फीस 1000 ही ली जाएगी। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने माना कि विवि स्तर पर चूक हुई थी, फीस स्ट्रक्चर में फार्म में सुधार और सर्टिफिकेट आदि जमा करवाने की एक हजार फीस ली जा रही थी, अब इसके लिए सिर्फ 600 फीस ही ली जाएगी।
छात्र हितों को देख इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर स्थिति भी साफ की गई है, वहीं स्टाफ को भी इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
Published By Ashok Chauhan