दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन (डीएलएड) के लिए सीटें अभी कनफर्म नहीं हैं और बोर्ड ने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पहले ही मांग लिए हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 12 से 30 जून तक शैक्षणिक सत्र 2017-19 तक की प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन मांगे थे। जबकि प्रदेशभर के निजी शिक्षण संस्थानों की संबद्धता के लिए प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू की गई है।
हालांकि, प्रदेश भर में 12 सरकारी शिक्षण संस्थानों की सीटें तो कनफर्म हैं। लेकिन, निजी शिक्षण संस्थानों में पिछले साल के रिकॉर्ड को देखें तो एक हजार से अधिक सीटें खाली रह गई थीं।
ऐसे में निजी शिक्षण संस्थान अब संबद्धता लेने से भी कतरा रहे हैं। ऐसे में सीटें कनफर्म हुए बिना डीएलएड की प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है।
प्रदेश में बंद हो सकते हैं निजी शिक्षण संस्थान
प्रदेशभर में दो दर्जन से अधिक निजी शिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय डीएलएड का कोर्स करवाया जा रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र में पांच बार काउंसलिंग के बाद भी निजी शिक्षण संस्थानों को प्रशिक्षु नहीं मिले थे। निजी शिक्षण संस्थानों में एक हजार से अधिक सीटें खाली रह गई थीं। ऐसे में इस शैक्षणिक सत्र में कई शिक्षण संस्थान संबद्धता लेने से कतरा रहे हैं।
15 जुलाई तक होगा संबद्धता के लिए आवेदन
डीएलएड के लिए निजी शिक्षण संस्थानों की संबद्धता के लिए 15 जुलाई तक बिना विलंब शुल्क के आवेदन किया जा सकता है, जबकि पांच हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ 30 जुलाई तक आवेदन हो सकेगा।
संबद्धता के लिए दो हजार रुपये आवेदन पत्र शुल्क और 50 हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है। संबद्धता से संबंधित जानकारी के लिए बोर्ड की वेबसाइट www.hpbose.org पर उपलब्ध करवाई गई है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव शुभकरण सिंह ने कहा कि डीएलएड प्रवेश परीक्षा में मेरिट के आधार पर संबद्धता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों में एनसीटीई की निर्धारित सीटों के अनुसार आवंटन होगा।