एचपीयू ने वर्ष 2018-19 के एमबीबीएस कोर्स के लिए प्रोस्पेक्टस जारी किए। 13 जून को निदेशक मेडिकल एजूकेशन एंड रिसर्च की ओर से जारी प्रोस्पेक्टस में शर्त लगाई गई कि जिस विद्यार्थी ने प्रदेश के किसी स्कूल से आठवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की चार में से दो
परीक्षाएं पास नहीं की हैं, उन्हें हिमाचल कोटे के तहत एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिला नहीं दिया जाएगा। इस शर्त में बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे सरकारी कर्मियों के बच्चों को छूट दी गई थी लेकिन, निजी व्यवसाय या प्राइवेट नौकरी करने वाले हिमाचलियों के बच्चों के लिए इसमें कोई छूट नहीं दी
गई थी। प्रार्थियों का कहना है कि वह हिमाचली हैं लेकिन उनके अभिभावकों के व्यवसाय या नौकरियां प्रदेश से बाहर निजी संस्थानों में होने के कारण उन्हें बाहरी स्कूलों में पढ़ना पड़ा, इसलिए उन्हें भी छूट का लाभ मिलना चाहिए। उनसे हिमाचली कोटा नहीं छीना जा सकता।