चंडीगढ़ की दो सगी बहनें रविवार को नालागढ़ में ईओ की परीक्षा नहीं दे सकीं। ये दोनों कोरोना संक्रमित थीं। दोनों ने बताया कि उन्हें प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की ओर से स्वीकृति मिली हुई थी। उनके पास कमीशन की मेल भी थी और उन्हें कंट्रोल रूम से भी आश्वस्त किया गया था कि उन्हें परीक्षा देने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, लेकिन उन्हें परीक्षा केंद्र से लौटा दिया गया। चंडीगढ़ के सेक्टर 15 में रहने वाली दोनों बहनों ने बताया कि उन्होंने ईओ के लिखित परीक्षा के लिए आवेदन किया था। 22 सितंबर को उन्होंने एचपीपीएससी को सूचित किया कि उन्हें करोना संक्रमण है। जिस पर कमीशन के अधिकारियों ने उन्हें मेल पर सूचित करने को कहा गया। उसके बाद इन दोनों बहनों ने फोन से भी अधिकारियों को सूचित किया।
156 केंद्रों में 15065 ने दी ईओ, सचिव की परीक्षा
156 परीक्षा केंद्रों में रविवार को नगर निकायों के कार्यकारी अधिकारी और सचिव के 19 पदों के लिए 53 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पांच जिलों में 11 कोरोना पॉजिटिव सहित कुल 15065 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 28158 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया हुआ था। राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव आशुतोष गर्ग ने बताया कि भर्ती परीक्षा में पांच जिलों में 11 कोरोना पॉजिटिव अभ्यर्थी शामिल हुए। मंडी में छह, शिमला में दो, सोलन, सिरमौर और चंबा में एक-एक कोरोना पॉजिटिव अभ्यर्थी ने परीक्षा दी। कोविड केयर केंद्रों में सभी नियमों का पालन करते हुए इनकी परीक्षा ली गई। जिला प्रशासन ने भी परीक्षा करवाने में सहयोग दिया। स्वास्थ्य विभाग के सभी नियमों का पूरी सख्ती से पालन किया गया। आयोग के सचिव ने बताया कि सामान्य अभ्यर्थियों की परीक्षा के दौरान भी एसओपी का पालन किया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। मास्क पहनना अनिवार्य था। अभ्यर्थियों के बीच उचित दूूरी रखी गई। खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण वाले अभ्यर्थियों की अलग से बैठने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के दस जिलों के 35 उपमंडलों में बनाए गए 156 परीक्षा केंद्रों में परीक्षा ली गई।