हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कैंपस और इससे संबद्ध पीजी के करीब 26 कोर्स में प्रवेश लेने को ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया 4 मई को समाप्त हो चुकी है। अब दस मई तक विश्वविद्यालय आवेदनकर्ताओं के फीस से संबंधित मामलों को सेटल कर रहा है।
ऐसे छात्र जिन्होंने शुरुआत सिर्फ सब्सिडाइज्ड श्रेणी में आवेदन कर फीस जमा की थी, वे चाहें तो नॉन सब्सिडाइज्ड या पेमेंट सीट के लिए पूर्व में भरे फार्म को अपडेट कर दस मई तक ऑनलाइन फीस भी जमा करवा सकते हैं।
एडमिशन पोर्टल से अलॉट किए लागइन और आईडी का इस्तेमाल कर पूर्व में भरे गए ऑनलाइन फॉर्म में आवश्यक अपडेट कर नॉन सब्सिडाइज्ड या पेमेंट सीट की फीस जमा करवा सकेंगे। इससे छात्र दोनों श्रेणियों में प्रवेश लेने के लिए पात्र हो जाएंगे। सभी कोर्स में प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग ही प्रवेश का आधार होगी।
इस बार विवि ने प्रवेश को ऑनलाइन आवेदन को बैंक चालान से फीस भुगतान बंद कर दिया है। छात्र अब डेबिट या क्रेडिट कार्ड व नेट बैंकिंग से ही भुगतान कर रहे हैं। इसलिए जिन छात्रों ने स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चालान के माध्यम से फीस जमा करने का प्रयास किया था, उन्हें ऑनलाइन ही भुगतान करना पड़ा है। करीब 26 पीजी डिग्री डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लेने को करीब 13 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
विवि के कंप्यूटर सेंटर व ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के प्रभारी मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि दस मई तक फीस से संबंधित छात्रों की समस्याओं को निपटाया जा रहा है। जो छात्र सब्सिडाइज्ड के अलावा नॉन सब्सिडाइज्ड या पेमेंट सीट श्रेणी में भी आवेदन करना चाहेंगे, वे अतिरिक्त फीस अदा कर इस श्रेणी के तहत भी आवेदन कर सकते हैं।
इन छात्रों का सब्सिडाइज्ड श्रेणी के तहत पहले ही आवेदन विवि को मिल चुका है। उन्हें सिर्फ दूसरी श्रेणी को तय अतिरिक्त फीस का ऑनलाइन या डेबिट क्रेडिट कार्ड से भुगतान करना होगा। कंप्यूटर सेंटर में फीस से संबंधित सभी मामले निपटाए जा रहे है।