प्रदेश भर के कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पर कोरोना संक्रमण संकट और लॉकडाउन असर डालेगा। एक ओर स्नातक डिग्री की परीक्षाएं हो समय से शुरू नहीं हो पाएंगी, वहीं कॉलेज में स्नातक डिग्री कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी कम से कम अतिरिक्त एक महीने इंतजार करना पड़ सकता है।
सीबीएसई और एचपी बोर्ड की हुई बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के जांचने और परिणाम घोषित होने में ही अभी समय लगेगा। उसके बाद नतीजे घोषित होने पर ही शिक्षा विभाग कॉलेज में एडमिशन की तिथि तय कर घोषित कर सकेगा। बोर्ड परीक्षा परिणाम पर ही सेशन में यूजी कोर्स की प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी।
पूरे प्रदेश भर के 40 हज़ार से अधिक छात्र छात्राएं जो कॉलेज में यूजी डिग्री कोर्स में प्रवेश लेंगे उनका इंतजार लंबा हो सकता है। पूर्व में बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट मई अंत में आ जाता था। लॉकडाउन के कारण इस बार बारहवीं का रिजल्ट जून अंत तक ही आ सकेगा।
इससे प्रथम वर्ष में प्रवेश जुलाई माह में ही संभव होगा। लॉकडाउन के कारण गड़बड़ाए सेशन में प्रथम वर्ष की कक्षाएं अगस्त माह से ही शुरू हो सकेंगी। पूरे सेशन के शेड्यूल में एक माह की देरी हो जाएगी।