पुलिस भर्ती में हिस्सा लेने के लिए फीस जमा करवाने से लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद कई युवाओं को एडमिट कार्ड जारी नहीं हुए थे। इससे नाराज कुछ युवाओं ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया तो उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिल गया है।
निर्धन वर्ग से संबंधित युवाओं को यह मौका नहीं मिला है। इससे उनमें भारी रोष है। उन्होंने पुलिस विभाग को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन में उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का मौका नहीं दिया गया तो वे धरना प्रदर्शन करेंगे।
कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र से संबंधित जतिंद्र कुमार, शुभम कुमार, मुनीष और सौरभ कौंडल ने बताया कि पुलिस विभाग ने उन लोगों को तो भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका दे दिया, जिन्होंने शिमला जाकर खर्च किया। जिले में कई ऐसे भी युवा भी हैं, जो शिमला जाने और वकीलों का खर्च वहन नहीं कर सकते। ऐसे में फीस से लेकर अन्य सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उन्हें भर्ती प्रक्रिया के लिए मौका न देना उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट जाने वाले युवाओं ने सारी प्रक्रिया पर करीब 10 से 15 हजार रुपये तक खर्च किए। इसके बाद उन्हें फिटनेस टेस्ट के लिए बुलाया गया। उन्होंने पुलिस विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिले के उन युवाओं को भी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए, जो निर्धन हैं।