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खराब रिजल्ट देने वाले प्रदेश के डेढ़ सौ स्कूल प्रिंसिपलों को नोटिस

Thu, 10 Aug 2017 01:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में खराब परिणाम देने वाले करीब 150 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों को विभाग नोटिस जारी कर रहा है। बुधवार को सचिवालय में बोर्ड नतीजों की समीक्षा के लिए हुई बैठक में तल्ख हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा एजेवी प्रसाद ने यह आदेश दिए।
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परीक्षा परिणाम में गिरावट वाले स्कूलों के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए वर्कशॉप लगेंगी। उन्होंने नतीजों की समीक्षा के लिए गठित जांच कमेटी से तीन दिन के भीतर गुणात्मक शिक्षा बढ़ाने के लिए एक्शन प्लान देने को भी कहा। दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 51 सरकारी और निजी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हुआ है।

दसवीं में 37 स्कूलों और जमा दो में 14 स्कूलों का वार्षिक परिणाम शून्य रहा है। प्रदेश के 344 स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम रहा है। दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं। कुल 1.10 लाख विद्यार्थियों ने गणित की परीक्षा दी थी। इनमें 25398 बच्चे गुणा-भाग करने में सफल नहीं हुए।
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गणित के बाद अंग्रेजी दूसरा विषय है, जिसमें सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं। अंग्रेजी की परीक्षा में 16136 बच्चे फेल हुए हैं। बोर्ड कक्षाओं के नतीजों की समीक्षा करने के लिए सरकार ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा, राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पंकज ललित, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (कॉलेज) डॉ. कृष्णा वैद और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (प्रशासन) पंकज को शामिल कर एक जांच कमेटी बनाई थी।

कमेटी ने बीते माह सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। बुधवार को सचिवालय में रिपोर्ट को लेकर पहली बार मंथन किया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि करीब 150 स्कूलों के प्रिंसिपलों को नोटिस जारी कर जवाबतलब किया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों को जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सीसीटीवी कैमरों ने खराब किया रिजल्ट
शिमला। बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों की जांच को गठित कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बीते साल बेहतर परिणाम देने वाले स्कूल सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद फिसड्डी साबित हुए। रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 में बोर्ड परीक्षाओं को लेने के लिए पहली बार प्रदेश के 100 स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। 

जिन स्कूलों में कैमरे लगाए गए थे, बीते साल उन स्कूलों का रिजल्ट सौ फीसदी था। कैमरे लगने के बाद परीक्षा परिणाम में 75 फीसदी की गिरावट आई है। इन स्कूलों का वार्षिक परीक्षा परिणाम इस बार 25 फीसदी से कम रहा है। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम घटा है, वहां शिक्षकों की कमी भी थी। विषय शिक्षक नहीं मिलने के चलते सिलेबस पूरा नहीं हो सका।
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