प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से शास्त्री के पदों को भरने के लिए ली गई परीक्षा के परिणाम पर रोक लगा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए रोके के आदेश जारी किए हैं।
खंडपीठ ने कोर्ट की अनुमति के बिना परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं करने के आदेश दिया है। साथ ही बिना कोर्ट अनुमति के कोई भी आगामी कार्यवाही नहीं करने को कहा गया है। बेरोजगार शास्त्री संघ के अध्यक्ष व अन्य परीक्षार्थियों द्वारा लिखे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि 28 मई को आयोजित इस परीक्षा में ठियोग परीक्षा केंद्र में कुछ परीक्षार्थियों ने जमकर नकल की।
कुछ परीक्षार्थी पुस्तक, मोबाइल फोन का प्रयोग भी कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस परीक्षा में किसी भी तरह की पारदर्शिता नहीं बरती गई। एक-एक बेंच पर तीन-तीन परीक्षार्थी बैठे थे। प्रार्थियों ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि कर्मचारी चयन आयोग पर उचित कार्रवाई करके ठियोग परीक्षा केंद्र को रद्द किया जाए।
उन्होंने दोबारा इस परीक्षा को करवाने की मांग की है ताकि मेहनत करने वाले परीक्षार्थियों को गलत संदेश न जाए। प्रार्थियों ने ठियोग परीक्षा केंद्र के संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग भी की है। कोर्ट ने इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग के सचिव, एसडीएम ठियोग, राजकीय कन्या विद्यालय ठियोग के परीक्षा केंद्र अधीक्षक और प्रधानाचार्य को नोटिस भी जारी किया था।