स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निजी कंपनियों में नौकरियां करने से पहले सरकार कारपोरेट जगत का एक्सपोजर दिलाएगी। स्कूल-कॉलेजों में खुले दक्षता केंद्रों में चुने गए युवाओं को नोएडा में विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। आठवीं कक्षा से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए नौकरियों का बंदोबस्त करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
प्रदेश में निजी कंपनियों को बुलाकर विद्यार्थियों को प्लेसमेंट दिलाई जाएगी। शिक्षा विभाग की राज्य परियोजना अवलोकन एवं नई पहल इकाई ने यह योजना तैयार की है। संभावित है कि कुछ दिनों में ही शिक्षा मंत्री इस योजना का शिमला से शुभारंभ करेंगे। हिमाचल के 10 कॉलेजों में उत्कृष्ट दक्षता एवं स्वरोजगार केंद्र खोले जाने हैं। कॉलेजों में गाइडेंस ब्यूरो बनाकर विद्यार्थियों का पंजीकरण होगा।
इसके अलावा स्कूलों और आईटीआई में भी यह केंद्र खोले जाएंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को निजी कंपनियों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। पंजीकरण करवाने वाले विद्यार्थियों को नौकरियां दिलाने के लिए सरकार निजी कंपनियों से संपर्क करेगी। कंपनियों को शिक्षण संस्थानों में बुलाकर प्लेसमेंट करवाई जाएगी।
इसमें चुने जाने वाले विद्यार्थियों को नोएडा ले जाकर वहां के माहौल में रहने के लिए तैयार किया जाएगा। स्थानीय माहौल में एडजस्ट होते ही इन युवाओं को अपना बंदोबस्त स्वयं करना होगा। प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत प्रति माह एक हजार विद्यार्थियों को निजी कंपनियों में प्लेसमेंट दिलाने का लक्ष्य रखा है।
इक्डोल के भवन को किराए पर लेगा शिक्षा विभाग
युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरवर्ती संस्थान के नोएडा स्थित भवन को शिक्षा विभाग किराए पर लेगा। इस भवन में युवाओं के रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया जाएगा। युवाओं से इसकी एवज में कुछ शुल्क भी लिया जाएगा।