इसी तरह छात्रावास में नहीं रहने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों में पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 500 रुपये की जगह 625 रुपये, छठी से आठवीं कक्षा तक 600 रुपये की जगह 750 रुपये, नवीं व दसवीं कक्षा तक 750 रुपये की जगह 950 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
जमा एक और जमा दो कक्षा के विद्यार्थियों को 1000 रुपये की जगह 1250 रुपये दिए जाएंगे। जमा दो के बाद डिप्लोमा करने वालों, बीए, बीएससी और बीकॉम करने वाले विद्यार्थियों को 1500 रुपये की जगह 1875 रुपये, एलएलबी, बीएड, एमए, एमएसई, एमएड करने वालों को 1750 रुपये की जगह 2250
रुपये और बीई, बीटैक व एमबीबीएस करने वाले वालों को 3000 रुपये की जगह 3750 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उधर, उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगों की शिक्षा को बढ़ावा देने का यह सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2015 में उनकी जनहित याचिका पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में पांच गुना वृद्धि कराई थी।