प्रदेश हाईकोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2016-2017 के लिए मेकेनिकल इंजीनियरिंग पीएचडी कोर्स एडमिशन की प्रक्रिया को रद्द करने के निर्णय को गलत ठहराते हुए आदेश दिए हैं कि चयनित छात्रों को दाखिला दे। इस बाबत उन्हें नोटिस और दो दैनिक समाचार पत्रों में सूचना देकर सूचित करें।
न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने अजय कुमार द्वारा दायर याचिका यह फैसला सुनाया। प्रार्थी अजय कुमार ने वर्ष 2016-17 में पीएचडी कोर्स के लिए चलाई प्रक्रिया को रद्द करने के राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान हमीरपुर के निर्णय को हाईकोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी।
इसके अलावा प्रार्थी ने न्यायालय से यह गुहार लगाई थी कि मेकेनिकल इंजीनियरिंग पीएचडी कोर्स को शुरू करने के आदेश जारी किए जाएं। न्यायालय ने पाया कि समिति का निर्णय कानून के प्रावधानों के विपरीत था। इंस्टीट्यूट ने सीनेट के अध्यक्ष द्वारा दर्ज आपत्ति का हवाला देते हुए अपने निर्णय को सही बताया था।
न्यायालय ने इस बारे रिकॉर्ड में कोई तर्क वितर्क नहीं पाया। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि विभागीय चयन समिति के सदस्यों के बीच मतभेद का अंदाजा मात्र एक समान अस्वीकृति टिप्पणी के आधार पर नहीं लगाया जा सकता।