इसके अलावा जिन स्कूलों में दो भाषा शिक्षक नियुक्त हैं, उनमें से एक को अन्य स्कूल में भेजा जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए निदेशालय यह कदम उठाने जा रहा है।
उधर, सीएंडवी अध्यापक संघ ने निदेशालय के इस कदम का विरोध किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा है कि अगर सरकार इन सभी स्कूलों से ड्राइंग और शारीरिक शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करती है तो 2223 स्कूलों के बच्चों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि जिन स्कूल में 60 या 70 बच्चे ही हैं तो 30 बच्चों की कमी के कारण इनके भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जा सकता। चमन लाल शर्मा ने कहा कि इस तुगलकी फरमान का विरोध किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो निदेशालय का घेराव भी किया जाएगा।