बिना मान्यता व्यावसायिक कोर्स कराने पर प्रदेश में चल रहे चार निजी शिक्षण संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने वीरवार को मामले की सुनवाई के बाद आदेश जारी किए।
शिमला, हमीरपुर, मंडी और धर्मशाला में चल रहे संस्थानों पर आरोप था कि उन्होंने बिना मान्यता लिए खुद ही कोर्स और डिप्लोमा शुरू कर दिए। मनमाने तरीके से फीस भी स्वयं ही तय कर ली। आयोग ने चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों और जिला प्रशासन को इन निजी शिक्षण संस्थानों को बंद करवाने के आदेश दिए।
आयोग के सदस्य सुनील दत्त शर्मा की अदालत ने पाया कि इन संस्थानों ने पूरी जानकारी दिए बिना दाखिले किए और विद्यार्थियों को गुमराह किया। अदालत के मुताबिक अमॉस एजूकेशन के हमीरपुर, धर्मशाला, मंडी और शिमला संस्थान ने राज्य, केंद्र या आयोग की अनुमति लिए बगैर डिप्लोमा कोर्स करवाए। विद्यार्थियों से खुद ही तय की गई फीस वसूली गई। इस पर आयोग ने चारों संस्थानों को बंद कर दिया है।
कोर्स, फीस, मान्यता की जानकारी बोर्ड पर दर्शानी होगी
आयोग ने वीरवार को मामले की सुनवाई करते हुए प्रदेश के सभी निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को नोटिस बोर्ड पर हर जानकारी दर्शाने के आदेश दिए। नोटिस बोर्ड पर संस्थान की मान्यता, कोर्स, डिप्लोमा और सरकार की ओर से तय फीस दर्शानी होगी।
इसके अलावा मुख्य समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से भी जानकारी सार्वजनिक करें, ताकि विद्यार्थी आधी-अधूरी जानकारी के चलते भ्रमित न हों। आयोग ने आम जनता से शिक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों की जानकारी देने की अपील की है।