मुख्यातिथि ने कहा कि हिमाचल के संगीत, नृत्य और संस्कृति को एक मंच पर उतारना बहुत बड़ा कार्य है। प्रदेश की विभिन्न संस्कृतियों के एक मंच पर दर्शन हो रहे हैं। प्राचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने मुख्यातिथि और समारोह के विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. रमेश चंद शर्मा को सम्मानित किया।
निर्णायक मंडल के सदस्य मोहन राठौर, राजकुमार राठौर, डॉ. विनोद गंधर्व, गोविंद घोष, कॉलेज पूर्व छात्रसंघ के मुख्य सलाहकार सेवानिवृत्त कर्नल एडी शर्मा, सरकाघाट के प्राचार्य आरसी ठाकुर मौजूद रहे।
इसके साथ ही सेवानिवृत्त प्राचार्य सुंदर सिंह ठाकुर, जोगिंद्र सिंह चौहान, उप प्राचार्य प्रो. रीटा शर्मा, आयोजन सचिव डा. मधुर स्वर मिश्रा, प्रो. अमरजीत अत्री, प्रो. बलजीत जंबाल, प्रो. जी सी राणा, प्रो. कुसुम शर्मा, प्रो. कल्पना चड्ढ़ा, प्रो. नीलम गुलेरिया, प्रो. सुदेश जंबाल, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. नरेश चंदेल, प्रो. विपिन, प्रो. रविंद्र पाल, प्रो. संगीता चैहान, प्रो. सुरेंद्र ठाकुर, प्रो. संजय कानूनगो, डा. मनोज डोगरा सहित गैर शिक्षक कर्मचारी व भारी संख्या में छात्र वर्ग उपस्थित रहा।