एबीवीपी के प्रदेश मंत्री राहुल राणा ने कृषि विवि की ओर से की गई फीस बढ़ोतरी का विरोध किया है। कहा कि कृषि विवि पालमपुर प्रशासन ने एप्लीकेशन फीस जनरल और एसएफएस दोनों फार्म की फीस 31 सौ से बढ़ाकर 4000 कर दी है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में कृषि स्नातक की 120 सीटें हैं। इसमें 20 सीटें जनरल वर्ग की और 49 सीटें आरक्षित वर्ग की हैं। 51 सीटें सेल्फ फाइनेंस की हैं। सेल्फ फाइनेंस सीटों का प्रति सेमेस्टर खर्च 79480 से भी ऊपर चला जाता है।
नॉन सेल्फ फाइनेंसिंग सीटों की फीस 39,480 के करीब है। विद्यार्थी परिषद के माध्यम से पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया है। अत्यधिक फीस के कारण कई विद्यार्थी कृषि शिक्षा से वंचित रह रहे हैं, लेकिन विवि प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। राहुल राणा ने बताया कि विवि फीस के मामले में देश के अधिकतर विवि को पछाड़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागबानी से जुड़ा प्रदेश है और दूसरी तरफ प्रदेश के छात्रों का कृषि संबधित शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रहने का कारण लगातार विवि में फीस बढ़ोतरी है।
करोना महामारी से हर कोई जूझ रहा है, लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है। ऐसे में विवि प्रशासन द्वारा एप्लीकेशन फीस बढ़ाना जनरल कैटेगरी की सीटें कम करना फीस में बढ़ोतरी करना और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। विद्यार्थी परिषद की कृषि विश्वविद्यालय इकाई ने 300 से ज्यादा विद्यार्थियों के हस्ताक्षर करवाकर मुख्यमंत्री को मेल भेजकर छात्र विरोधी फैसलों और इससे पेश आ रही परेशानियों से अवगत करवाया। उन्होंने चेताया कि फीस कम नहीं की गई तो एबीवीपी आंदोलन छेड़ देगी।