प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने सहकारी समितियों को ऊनी वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाने के लिए 15 लाख रुपये की राशि जारी की है। वूल फेडरेशन को यह राशि प्रदेश के जनजातीय विकास विभाग के माध्यम से जारी की गई है ताकि समितियों से जुड़े लोगों को माल बेचने के लिए उचित मौका मिले और उनको माल बेचने के लिए बाजार भी मिल पाए। राज्य के विभिन्न हिस्सों की सोसाइटियां प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहीं हैं।
इस प्रदर्शनी में कुल्लू, शिमला, किन्नौर, लाहौल स्पिति आदि क्षेत्रों के बुनकर हिस्सा लेने पहुंचे हैं। यह प्रदेश में लगी तीसरी प्रदर्शनी है। राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी खेल परिसर में 11 से 20 जनवरी तक चलने वाली वूलन एक्सपो प्रदर्शनी और वूलन हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद बिक्री का वूल फेडरेशन अध्यक्ष रघुवीर सिंह ने शुक्रवार को उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार प्रदर्शनी लगाने के लिए वित्तीय मदद देती थी।
अब यह मदद बंद कर दी गई है। जनजातीय और ग्रामीण इलाकों में भेड़ पालक समितियां बनाकर ऊनी वस्त्र बनाकर बेचते हैं लेकिन उनको अपना माल बेचने के लिए उचित बाजार नहीं मिल पाता। वूल फे डरेशन ने इन सोसाइटियों के माध्यम से तैयार माल की प्रदर्शनी लगाने में ग्रामीणों की मदद की है। इस प्रदर्शनी में लोगों को मुफ्त में 20 तारीख तक स्टॉल दिए हैं। इनमें अंगोरा ऊन की टोपी, दस्ताने, स्वेटर, पशमीना शॉल, स्टॉल, डिजाइनर शाल को प्रदर्शनी में बेचने के लिए रखा है। फे डरेशन के महाप्रबंधक विजय ठाकुर, प्रबंधक दीपक सैनी इस दौरान मौजूद रहे।