प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में स्थित 14 कॉलेजों में इस सत्र से शिक्षा विषय शुरू कर दिया गया है। नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले प्रशिक्षु कला संकाय में अन्य विषयों के साथ-साथ शिक्षा विषय भी रख सकते हैं। इतना ही नहीं, आगामी समय में शिक्षा विषय में विद्यार्थी एमएड और बीएड भी कर सकेंगे। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
गौरतलब है कि प्रदेशभर के कॉलेजों में हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं कला संकाय में बीए करके निकलते हैं। कला संकाय में छात्र-छात्राएं हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीतिज्ञ शास्त्र विषयों को रखते हैं। स्नातकोत्तर की शिक्षा हासिल करने के बाद युवक-युवतियां इन्हीं विषयों में एमए, एमएड भी करते हैं।
लेकिन, अब स्नातकोत्तर तक के विषयों में शिक्षा विषय को भी जोड़ा गया है। इसके तहत इस सत्र में पहली मर्तबा छात्र-छात्राएं अन्य विषयों की तरह ही शिक्षा विषय को भी रख सकते हैं। सबसे पहले जिला मुख्यालयों में स्थित महाविद्यालयों में यह विषय आरंभ किया गया है।
बताया जा रहा है कि शिक्षा विषय को जिला मुख्यालय में स्थित महाविद्यालयों में आरंभ करवाए जाने का मुख्य मकसद इस विषय के प्रति युवक-युवतियों के रुझान का पता लगाना है। विद्यार्थी राहुल कुमार, विनय कुमार, विपिन कुमार, संजय कुमार, दलीप कुमार, कन्हैया राम, प्रमोद कुमार का कहना है कि कला संकाय के तहत विभिन्न विषयों के अलावा शिक्षा विषय को भी शामिल किया गया है।
चंबा कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. शिव दयाल शर्मा ने कहा कि पहली मर्तबा शिक्षा विषय को भी कला संकाय में शामिल किया गया है। महाविद्यालय से कला संकाय में बीए करने वाले युवक-युवतियां शिक्षा विषय को भी अन्य विषयों की तरह ही चुन सकते हैं। कहा कि प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में स्थित 14 कॉलेजों में इस विषय को आरंभ किया गया है।