केंद्र सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों को डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) करना अनिवार्य कर दिया है। पहली से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए बीएड करने वाले शिक्षक मान्य नहीं होंगे। डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन ऑनलाइन होगा। इन सर्विस शिक्षकों को यह डिप्लोमा करने के लिए सिर्फ 4500 रुपये की फीस चुकानी होगी। स्ट
डी मैटेरियल शिक्षकों को ऑनलाइन मुहैया करवाया जाएगा। जो शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सकते उन्हें 1500 रुपये की दूरदर्शन की डिश खरीदनी होगी। दूरदर्शन के एजूकेशन चैनल के माध्यम से यह शिक्षक पढ़ाई कर सकेंगे। मार्च 2019 तक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले शिक्षकों की नौकरी को समाप्त कर दिया जाएगा।
शिक्षा के अधिकार के संशोधन बिल 2017 में प्राइवेट स्कूलों में पहली से पांचवीं तक की कक्षाओं को अप्रशिक्षित शिक्षक डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन किए बिना नहीं पढ़ा सकेंगे। इन शिक्षकों ने बेशक बीएड की हो लेकिन प्राइमरी कक्षाओं को पढ़ाने के लिए डीएलएड ही अनिवार्य होगा। प्रदेश के कई प्राइवेट स्कूलों में प्राइमरी कक्षाओं को बीएड करने वाले शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बीएड करने वाले शिक्षक सिर्फ छठी से आगे की कक्षाओं को ही पढ़ा सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस संदर्भ में संसद में बिल भी पास कर दिया है। उधर, केंद्र सरकार से आदेश मिलने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर प्राइवेट स्कूलों कोे इस संदर्भ में अवगत करवाने को कहा है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।