सहयोग न मिला तो मूल्यांकन कार्य लटक जाएगा और फिर यूजी के छठे और अंतिम सेमेस्टर का परिणाम मध्य जुलाई तक भी शायद ही तैयार हो पाए। यूजी की डिग्री पूरी करने वाले इन 40 हजार छात्र छात्राओं का परिणाम समय से घोषित न हुआ तो, छात्र एचपीयू सहित प्रदेश के बाहर के विश्वविद्यालय की पीजी कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया में काउंसलिंग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
ऐसे में विश्वविद्यालय को पहले से आने वाले समस्याओं को देखते हुए, शिक्षा विभाग, प्रदेश सरकार व चुनाव आयोग के ध्यान में मामला लाना होगा। चूंकि यह मामला सीधे तौर प्रदेश के हजारों यूजी डिग्री पूरी करने वाले छात्र छात्राओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। जुलाई माह में पीजी कोर्स की काउंसलिंग शुरू होनी है।
आज से शुरू हो जाएगा मूल्यांकन कार्य- परीक्षा नियंत्रक
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी का कहना है कि यूजी डिग्री कोर्स की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को 19 मूल्यांकन केंद्रों में से अधिकतर में काम शुरू हो जाएगा। शेष में भी काम जल्द शुरू हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि चुनावी ड्यूटी में लगे परीक्षा विंग के स्टाफ के कारण और कॉलेजों की छुट्टियों के कारण मूल्यांकन कार्य करवाना मुश्किल होगा। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग का सहयोग रहा तो, जल्द से जल्द मूल्यांकन कार्य पूरा कर समय से परिणाम देने का प्रयास किया जाएगा।