आईसीएसई (दसवीं) के वार्षिक परीक्षा परिणाम में हिमाचल में टॉप करने वाली सेक्रेट हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिद्धबाड़ी की मिष्ठी गुप्ता माता-पिता के नक्शे कदमों पर चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं। मिष्ठी के पिता डॉ. विकास गुप्ता टांडा अस्पताल में सर्जन हैं, जबकि माता डॉ अरुणा गुप्ता भी बतौर चिकित्सक टांडा में सेवाएं दे रही हैं।
मिष्ठी का परिवार हालांकि पंजाब से है, लेकिन अब कांगड़ा के मटौर में घर बनाकर यहीं रह रहा है। उसने बताया कि वार्षिक परीक्षाओं के लिए उन्होंने ट्यूशन नहीं ली है। स्कूल में अध्यापकों के पढ़ाए हुए पाठ्यक्रम को ही ध्यान से पढ़कर उन्होंने प्रदेश में टॉप किया है। ऐसा नहीं है कि परीक्षा की तैयारी के लिए सब कुछ छोड़ पढ़ाई ही की। पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभागिता निभाई है। मिष्ठी ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती है।
दसवीं में ऊना के माउंट कार्मल स्कूल की रितिका ने 96.6 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रदेश में दूसरा और माउंट कार्मल स्कूल ठाकुरद्वारा जिला कांगड़ा की स्तुति वाधवा ने 96.4 फीसदी अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। रितिका चिकित्सक बन कर देश की सेवा करना चाहती है।
अपनी सफलता का श्रेय उसने स्कूल के स्टाफ, प्रधानाचार्य तथा माता-पिता को दिया है। काउंसिल फार इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन नई दिल्ली के सचिव गैरी आर्थून ने स्टेट मेरिट जारी की है। परीक्षा परिणामों में शिमला के स्कूलों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
बारहवीं में सेक्रेट हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिद्धबाड़ी धर्मशाला की वंशिका ठाकुर (विज्ञान संकाय) और ऑकलैंड हाउस स्कूल शिमला की छात्रा रिनमावी फनाई (कला संकाय) ने 97-97 फीसदी अंक लेकर प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
वशिंका ठाकुर भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती है। इसके लिए वह अब लॉ की पढ़ाई करेगी। साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी भी करेगी। वशिंका ने बताया कि उन्होंने अब तक कभी भी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया।
वहीं सेक्रेट हार्ट स्कूल सिद्धबाड़ी धर्मशाला की गुंजिता नेगी (विज्ञान संकाय) और माउंट कार्मल स्कूल ठाकुरद्वारा कांगड़ा की मिलि मनकोटिया ने 96-96 फीसदी अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है।