हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के तहत जेई इलेक्ट्रिकल और जेई सिविल के पदों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों की भर्ती करने पर प्रदेश के अभ्यर्थी भड़क गए हैं। प्रदेश के अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की ओर से जेई इलेक्ट्रिकल के 222 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें 90 पद सामान्य अनारक्षित वर्ग के लिए हैं।
छंटनी परीक्षा परिणाम के बाद अब सामान्य अनारक्षित वर्ग के 90 पदों के तीन गुणा अभ्यर्थी मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए बुलाए जाएंगे। करीब 210 अभ्यर्थी मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए बुलाए जाएंगे, लेकिन इनमें करीब 160 अभ्यर्थी बाहरी प्रदेशों के हैं। ऐसा ही जेई सिविल के पदों के लिए है। जिसमें 80 से ज्यादा अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से हैं। प्रदेश के पदों के लिए दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को मौका देने से प्रदेश के अभ्यर्थियों में रोष है।
अभ्यर्थियों में बादल चौहान, आशीष कुमार, सचिन, नीरज, जॉनी चौहान, अमित शर्मा, पुनीत शर्मा, रोहित राणा, पंकेश, विजय, अरुण शर्मा और अभिषेक शर्मा ने प्रदेश सरकार और कर्मचारी चयन आयोग से बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों से सीटें न भरने और इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
उधर, कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर का कहना है कि नियमों के मुताबिक क्लास थ्री के सामान्य अनारक्षित पदों के लिए पूरे भारत से अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इस आधार पर ही जेई सिविल और इलेक्ट्रिकल के पदों को बाहरी राज्यों से आवदेन आए हैं। जो परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं, उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करी जाएगी। दस्तावेज उचित न पाए जाने पर अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर होंगे।