जिन परीक्षार्थियों को इन दोनों परीक्षाओं में बैठना है, उन्हें मजबूरन कोई एक परीक्षा छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा। इन परीक्षार्थियों ने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से मांग की है कि टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल की परीक्षा की तिथि को बदला जाए, ताकि वे नेट और टीजीटी दोनों परीक्षाएं दे सकें।
इन दोनों परीक्षाओं में कम से कम दो से तीन दिन का अंतर रखा जाना जरूरी है। प्रदेश भर में ऐसे हजारों छात्र हैं, जिन्होंने इन दोनों परीक्षाओं के फार्म भरे हैं। उन्हें रोलनंबर भी जारी हो चुके हैं। जब मालूम पड़ा कि दोनों परीक्षाएं एक ही दिन तय की गई हैं, तो उनके सामने यह बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
एचपीयू में एमए एजूकेशन और एमएड कर रही छात्राओं पारुल डोगरा, अंशुल ठाकुर, मंजीता सांख्यान और वंदना ने बताया कि अकेले विश्वविद्यालय से ही ऐसे सैकड़ों छात्र-छात्राएं हैं, जिन्होंने ये दोनों परीक्षाएं देनी हैं।
मगर एक ही तारीख में दोनों परीक्षाएं आने पर वे असमंजस में हैं। उन्होंने कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर चेयरमैन से मांग की है कि आठ जुलाई को तय की गई टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल की परीक्षा की तिथि को बदला जाए।