एचपीयू से संबद्ध निजी बीएड कॉलेजों में खाली सीटों से कॉलेजों के सामने एक बार फिर से मुश्किल खड़ी है। तय शेडयूल के मुताबिक बीएड काउंसलिंग के अंतिम रोज तक इन कॉलेजों की आधी से अधिक सीटें खाली बची हैं। एक बार फिर से निजी बीएड कॉलेज सरकार से ही मेहरबानी की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार प्रवेश के लिए तय पात्रता शर्तों में रियायत देकर उन्हें राहत देगी।
जानकारी के मुताबिक निजी बीएड कॉलेज संघ ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष रियायत देने का मामला उठाया है। इस पर सरकार की मंजूरी की मुहर लगी तो ही निजी कॉलेज तय प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक से नीचे वाले छात्रों को अपने कॉलेज में प्रवेश
दे सकेंगे। पहले भी सरकार ने निजी कॉलेज संचालकों की मांग पर सीटें भरने को प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांक की शर्त को हटाकर सिर्फ परीक्षा में अपीयर हुए छात्रों को ही प्रवेश देने की अनुमति दे दी थी।
आधी से अधिक सीटें रही है खाली
बीएड कोर्स के लिए आठ अगस्त को एचपीयू की बीएड काउंसलिंग कमेटी ने अंतिम काउंसलिंग का दौर पूरा किया। इसमें प्रवेश लेने वालों का आंकड़ा 3500 भी पार नहीं कर पाया है। जबकि कुल सीटें 7300 है।
सरकारी कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई शुरू
प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग और धर्मशाला स्थित शिक्षा विभाग के अपने संस्थान में तीन अगस्त से ही नियमित कक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। 16 अगस्त से निजी कॉलेजों में भी नियमित रूप से नए बैच की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में प्रवेश पर जल्द स्थिति साफ होना जरूरी है।
बीएड काउंसलिंग कमेटी की समन्वयक और शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शना राणा ने भी कक्षाएं शुरू हो जाने के चलते निजी बीएड कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा में कम प्राप्तांक वाले छात्रों को प्रवेश की अनुमति देने या न दिए जाने पर स्थिति साफ करते हुए आदेश जारी करने की मांग की है। इसमें पिछले सत्र में दी गई छूट का हवाला देकर जल्द स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।