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कॉलेजों ने छात्रों से वसूली थी ज्यादा फीस, अब करनी होगी वापस

Wed, 24 May 2017 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के निजी बीएड कॉलेजों पर सरकार ने शिकंजा शुरू कर दिया है। राज्य सचिवालय में जारी बैठकों के दौर के बाद सरकार ने साल 2015 के बीएड बैच से अधिक वसूली गई फीस को रिफंड करने का फैसला लिया है।
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सरकार ने साल 2015-17 के बैच की फीस को संशोधित करने के मंगलवार को आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों में निजी बीएड कॉलेजों में साल 2015-17 के बैच की दूसरे साल की फीस को 38,335 हजार तय किया गया है।

38 हजार से अधिक फीस वसूलने वाले निजी बीएड कॉलेजों को अब अधिक वसूली गई फीस विद्यार्थियों को लौटानी पड़ेगी। बीएड के अन्य बैच से दो साल की फीस 84,870 हजार रुपये ही वसूली जाएगी।
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राज्य सरकार ने साल 2015-17 के बैच की फीस को लेकर उपजे विवाद को हल करते हुए फैसला लिया है कि इस बैच की पहले साल की फीस साल 2013 में तय हुई फीस के बराबर ही रहेगी। साल 2013 में एक साल की फीस को 45 हजार रुपये तय किया गया था। 

सूत्र बताते हैं कि साल 2015-17 के बैच से निजी कॉलेजों ने दूसरे साल भी 45 हजार रुपये वसूलना शुरू कर दिया। जिसके चलते सरकार को इस बैच के लिए फीस को संशोधित करना पड़ा। संशोधन में दूसरे साल की फीस को 38,335 रुपये तय किया गया है।

ऐसे में जिन संस्थानों में विद्यार्थियों से दूसरे साल की फीस भी 45 हजार वसूली गई, उन्हें अब 38,335 से अधिक वसूली गई फीस को वापस किया जाएगा।

उधर, उच्च शिक्षा निदेशालय ने सरकार से आदेश प्राप्त होते ही राज्य विश्वविद्यालय सहित निजी बीएड कॉलेजों को संशोधित फीस स्ट्रक्चर से अवगत करवा दिया है। विद्यार्थियों से अधिक वसूली गई फीस को रिफंड करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
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