हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग की अध्यक्ष प्रो. रंजना भान का कहना है कि एनसीटीई की वेबसाइट पर जारी अधिसूचना से यही समझ आ रहा है कि एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम आईईटीपी कार्यक्रम को शुरू करने के लिए वही संस्थान/कॉलेज पात्र होंगे, जो पहले से यूजी के बीए, बीएससी और बी कॉम जैसे कोर्स चला रहे है। इस एकीकृत कोर्स को शुरू करने से संबंधित किसी भी तरह के दिशा-निर्देश उनके विभाग या विवि को नहीं मिले हैं।
अधिकतर बीएड कॉलेज नहीं होंगे ऐसे में पात्र
प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध 73 बीएड कॉलेजों में शायद ही कोई इस इंटीग्रेडिट कोर्स को शुरू करने के लिए पात्रता शर्त पूरी करेंगे। यदि उन्हें कोर्स शुरू करना होगा, तो उन्हें बीए बीएससी और बी कॉम जैसे यूजी कोर्स भी साथ शुरू करने पड़ेेंगे। फिलहाल ऐसे शायद ही कोई बीएड कॉलेज है जो ऐसे यूजी कोर्स चला रहे हों।