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दसवीं और बारहवीं के हजारों विद्यार्थियों का एक साल बरबाद

Wed, 25 Nov 2020 12:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एसओएस के जरिये दसवीं और बारहवीं की परीक्षा पास कर चुके हजारों विद्यार्थियों का एक साल बरबाद हो गया है। इन्हें आगे की कक्षाओं में प्रवेश नहीं मिल रहा है। विभाग का कहना है कि स्कूल और कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया खत्म हो चुकी है। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने हाल में घोषित एसओएस परीक्षा की दसवीं और बारहवीं का परिणाम घोषित किया है।

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दसवीं पास विद्यार्थी 11वीं में और बारहवीं पास विद्यार्थी कॉलेजों में दाखिले के लिए परेशान हो रहे हैं। हजारों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सितंबर माह में एसओएस में ली गई बारहवीं कक्षा का परिणाम 12 नवंबर को घोषित किया था।

दसवीं कक्षा का परिणाम 10 नवंबर और आठवीं कक्षा का परिणाम 12 नवंबर को घोषित किया। इसके अलावा पुनर्मूल्यांकन और पुनर्निरीक्षण का परिणाम भी नवंबर माह में ही घोषित किया है, लेकिन अब एसओएस के माध्यम से परीक्षा पास करने वाले इन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रवेश से वंचित रहना पड़ रहा है।
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10वीं कक्षा से पास हुए हैं 11953 छात्र
बोर्ड की ओर से घोषित एसओएस की आठवीं, दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा प्रदेश के हजारों छात्रों ने पास की है। आठवीं की परीक्षा में 220 छात्र पास हुए हैं। दसवीं की परीक्षा 11953 अभ्यर्थियों ने पास की है, जबकि बारहवीं की परीक्षा 9292 अभ्यर्थियों ने पास की है।

कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया बंद हो चुकी है। एसओएस में पास हुए छात्रों को आ रही दिक्कतों के बारे में निदेशालय से संपर्क किया है। निदेशालय से जो भी निर्देश आएंगे। उस पर कार्रवाई की जाएगी। - रेखा कपूर, उप-निदेशक, उच्च शिक्षा, कांगड़ा

11वीं कक्षा में अभी तक नए प्रवेश के लिए निदेशालय की तरफ से कोई भी निर्देश नहीं आए हैं। निदेशालय से प्रवेश संबंधी जो भी निर्देश आएंगे, उन पर अमल किया जाएगा। - अनीष कुमार, प्रिंसिपल, ब्वॉयज स्कूल धर्मशाला

कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया 15 से बंद हो चुकी है। अब नए छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। अगर निदेशालय की तरफ से प्रवेश देने संबंधी निर्देश आएंगे तो कॉलेज में रिक्त सीटों पर उन्हें प्रवेश दिया जा सकेगा। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, डिग्री कॉलेज धर्मशाला

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