प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में भी विद्यार्थी वोकेशनल एजूकेशन में सीधे प्रवेश ले सकेंगे। पहले नवीं कक्षा से ही वोकेशनल सब्जेक्ट लेने वाले विद्यार्थियों को ग्यारहवीं कक्षा में वोकेशनल एजूकेशन में प्रवेश दिया जाता था। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से सरकार ने पुरानी व्यवस्था को खत्म करने का फैसला लिया है। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने नई व्यवस्था का पालन करने के स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा वाले प्रदेश के करीब 400 सरकारी स्कूलों में इस शैक्षणिक सत्र से वोकेशनल एजूकेशन में भी विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। वोकेशनल एजूकेशन में विद्यार्थी हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, ऑटोमोटिव और मीडिया में से कोई एक विषय रख सकेंगे। विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार ने स्कूलों में वोकेशनल एजूकेशन शुरू किया है।
विभिन्न कंपनियों के माध्यम से स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा दी जा रही है। स्कूल में वोकेशनल एजूकेशन लेने के बाद विद्यार्थी कॉलेज में बीवॉक (बैचुलर इन वोकेशनल) की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। वोकेशनल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सरकार की ओर से विभिन्न उद्योगों की विजिट करवाई जाती है। नौकरी देने के लिए कैंपस प्लेसमेंट का प्रावधान भी किया गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि पहले नवीं कक्षा में वोकेशनल विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ही जमा एक में वोकेशनल एजूकेशन में एडमिशन दी जाती थी। अब शैक्षणिक सत्र 2019-20 से सरकार ने जमा एक में भी वोकेशनल एजूकेशन में एडमिशन देने का फैसला लिया है। प्रदेश के करीब 400 स्कूलों में जमा एक और जमा दो कक्षा में वोकेशनल एजूकेशन चल रही है।