एबीवीपी ने बड़े आंदोलन की तैयारी कर ली है। कार्यकर्ताओं ने डॉ. वाईएस परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में मुंह पर काली पट्टी बांधकर मूक यात्रा निकाली। कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया गया। अब इसे आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते हुए आगामी दिनों में भूख हड़ताल, कक्षाओं का बहिष्कार, उपकुलपतियों व जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा। एबीवीपी के मीडिया प्रभारी अंशुल शर्मा ने बताया कि 21 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव बहाल करने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, क्लस्टर विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य शुरू करने, विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देने, केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य शुरू करने, प्रदेश विवि और महाविद्यालयों में शिक्षकों और गैर शिक्षकों के रिक्त पदों को तुरंत प्रभाव से भरने और महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचों को सुदृढ़ करने जैसी मांगें उठाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि बागवानी विवि नौणी और कृषि विवि पालमपुर में छात्रों से अत्यधिक फीस वसूली जा रही है। मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में फीस वृद्धि को कम करने की भी मांग की है। इसके अलावा तकनीकी विवि हमीरपुर में सेल्फ फाइनेंसिंग के नाम पर ली जा रही भारी फीस वसूली बंद करने, निजी विवि और मेडिकल कॉलेजों में व्याप्त भ्रष्टाचार व जबरन फीस वसूली पर लगाम कसने के अलावा प्रदेश में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर नकेल कसने की भी मांग उठाई है। इस मौके पर मनीष, अंकित, रिशु, विशाल, शबनम, निखिल, दीपक, मुकुल, राहुल, रोहित, काजल व नेहा आदि छात्र कार्यकर्ता उपस्थित रहे एबीवीपी के मीडिया प्रभारी अंशुल शर्मा ने बताया कि मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की है। 26-27 अगस्त को सभी इकाइयों में 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी। 29 अगस्त को सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का घेराव किया जाएगा। प्रदेश के सभी कालेज में एबीवीपी इकाइयों द्वारा चार सितंबर को रैलियां भी आयोजित की जाएंगी। सात सितंबर को प्रदेश में पूर्ण शिक्षा बंद रखी जाएगी। 10 और 11 सितंबर को जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा।