जून महीने में 15 अन्य कॉलेजों को भी केंद्र ने ग्रांट दी थी। उधर, प्रदेश के आठ डिग्री कॉलेज अभी भी इस ग्रांट को लेने के लिए गंभीर नहीं हैं। सरकार के कई बार कहने के बावजूद इन कॉलेजों के प्रिंसिपल नैक से मान्यता लेने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।
इन कॉलेज प्रिंसिपलों की लापरवाही के चलते दो-दो करोड़ की ग्रांट से यह कॉलेज अभी तक महरूम हैं। उधर, शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बताया है कि जल्द ही इन कॉलेजों के प्रिंसिपलों से बैठक कर नैक मान्यता लेने के लिए कहा जाएगा।
इन कॉलेजों को नहीं मिली ग्रांट- सुजानपुर टीहरा, ठियोग, झंडूता, जुखाला, इंदौरा, सिराज लंबाथाच, धर्मपुर जिला मंडी और थुरल कॉलेज।