डॉक्टर बनने के लिए युवाओं में क्रेज बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि पिछले साल जहां एमबीबीएस और बीडीएस के लिए 2300 ने ऑनलाइन आवेदन किया था, वह आंकड़ा इस बार 4500 तक पहुंच गया है।
एचपीयू से संबद्ध सरकारी और निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए एनईईटी के परिणाम के मुताबिक घोषित नतीजों के आधार पर काउंसलिंग को 4500 छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
सोमवार को आवेदन की अंतिम तिथि तक आए आवेदनों के बाद एचपीयू अब 14 जुलाई को श्रेणीवार मेरिट जारी करेगा और काउंसलिंग के शेडयूल को संशोधित कर जारी करेगा। पिछले सत्र में महज 2300 ने ऑनलाइन आवेदन किया था, मगर इस बार यह आंकड़ा दोगुना होकर 4500 तक पहुंच गया है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. जेएस नेगी ने माना कि इस बार चार हजार से अधिक ने आवेदन किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और उस पर एमसीआई के जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही प्रवेश परीक्षा सेल मेडिकल और डेंटल कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया को संचालित कर रहा है। इसके तहत एक अगस्त से दोनों कोर्स की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
विवि 14 जुलाई तक काउंसलिंग शेडयूल और श्रेणीवार मेरिट जारी करने के साथ ही इस माह अंत तक काउंसलिंग का पहला राउंड पूरा कर देगा। 19 अगस्त तक दूसरा और 31 अगस्त अंतिम कट आफ डेट तय की गई है। एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के लिए नीट की परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 131 और एससी, एसटी और ओबीसी के 107 से अधिक प्राप्तांक वाले छात्रों ने आवेदन किया है।
पांच सरकारी कॉलेजों में भरी जाएंगी एमबीबीएस की 500 सीटें
इस बार एचपीयू प्रदेश के पांच सरकारी कॉलेजों की पांच सौ एमबीबीएस सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया संचालित कर रहा है, जिसमें 15 फीसदी सीटें ऑल इंडिया कोटे की रहेंगी। जबकि इसी प्रवेश प्रक्रिया में एचपीयू सोलन के एक निजी संस्थान की 150 सीटों में 75:75 स्टेट और मैनेजमेंट कोटे के तहत भरने को काउंसलिंग करवा रहा है।
सरकारी डेंटल कॉलेज की 100, 4 निजी कॉलेजों 60-60 सीटें
एचपीयू की इस प्रवेश प्रक्रिया में विवि से संबद्ध एक सरकारी डेंटल कॉलेज की सौ सीटों के अलावा चार निजी कॉलेजों की 60-60 सीटों के लिए काउंसलिंग हो रही है।