प्रदेश भर के कॉलेजों में रूसा प्रणाली के बाद पहली बार वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू करने पर घोषित परिणाम में स्नातक प्रथम वर्ष में फेल 21 हजार विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बड़ी राहत दी है। नए आदेशों के तहत फेल छात्र-छात्राओं को कॉलेजों में प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। बुधवार को विवि के कुलसचिव घनश्याम चंद ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इससे अब विद्यार्थियों का एक साल बरबाद नहीं होगा।
विवि ने बीते साल से स्नातक के प्रथम वर्ष से पुराना ईयर सिस्टम लागू किया। इसी माह के शुरू में घोषित परिणाम में बीए, बीएससी और बीकॉम में कुल 44,440 में से 21 हजार विद्यार्थी तीन विषय पास न करने पर फेल हो गए थे। असमंजस के चलते इन्हें दोबारा उसी कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया। कॉलेजों में फ्रेश छात्रों से सीटें भर दी गईं।
ऐसे में फेल छात्रों का एक साल बरबाद हो रहा था। छात्र संगठनों ने विवि के समक्ष मामला उठाया। अब विवि ने अधिसूचना जारी कर कॉलेजों को निर्देश दिए कि फर्स्ट ईयर में फेल विद्यार्थियों को पुन: प्रवेश देकर कक्षाएं लगाने की अनुमति दें। पिछले दो माह से ये छात्र दूसरे वर्ष में रोल ऑन आधार पर प्रवेश पा चुके थे। अब सिर्फ उन्हें प्रथम वर्ष की कक्षाएं लगानी होंगी।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला ने मंगलवार के संस्करण में यूजी के इन हजारों विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में कॉलेजों में प्रवेश न देने के मसले को प्रमुखता से उठाया था। एसएफआई की राज्य इकाई ने सोमवार और बुधवार को इस मामले को विवि अधिकारियों से उठाया था।