हिमाचल प्रदेश स्टेट कोआपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक के एप्रेंटिस क्लर्क भर्ती की प्रदेश भर के 78 परीक्षा केंद्रों में लिखित परीक्षा हुई। इन केंद्रों में प्रदेश भर के करीब 20 हजार से अधिक युवाओं ने लिखित परीक्षा में भाग लिया। स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से हुई लिखित परीक्षा के लिए प्रदेश भर से 25761 युवाओं ने आवेदन किया था।
इनमें से फीस सहित अन्य डिटेल बोर्ड को नहीं मिलने पर 4652 अभ्यर्थियों के आवेदन बोर्ड ने रद्द कर दिए थे। वहीं, 21109 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए रोल नंबर जारी किए थे। रविवार को स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इसकी लिखित परीक्षा ली है। बोर्ड ने परीक्षा के लिए जिला बिलासपुर में चार, चंबा सात, हमीरपुर पांच, कांगड़ा, 16, किन्नौर तीन, कुल्लू चार, लाहौल स्पिति तीन, मंडी 11, शिमला नौ, सिरमौर सात, सोलन पांच और ऊना में चार परीक्षा केंद्र स्थापित किए थे।
उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि रविवार को बैंक भर्ती लिखित परीक्षा का शांतिप्रिय तरीके से संचालन किया गया है। राज्य भर से किसी प्रकार की कोई भी शिकायत बोर्ड को नहीं आई है।
परीक्षा खत्म होने पर ले लिए प्रश्नपत्र, भड़के परीक्षार्थी
प्रदेशभर में क्लर्कों के 113 पदों के लिए कोऑपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक की ओर से रविवार को ली गई लिखित परीक्षा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। परीक्षा खत्म होने पर परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र साथ ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस पर परीक्षार्थी भड़क गए और उन्होंने इसका जमकर विरोध किया। वहीं, उपस्थित स्टाफ का कहना था कि नए नियम हैं।
लेकिन, यदि नियम नए आए हैं, तो इसे प्रश्न पत्र में उल्लेखित क्यों नहीं किया गया। जबकि, प्रश्नपत्र के नियम व शर्तों के मुताबिक मात्र उत्तर पुस्तिका जमा करने के निर्देश दिए गए थे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से क्लर्कों के 113 पद भरने के लिए यह लिखित परीक्षा करवाई गई। इसमें प्रदेशभर में हजारों परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
लेकिन, परीक्षा के अंत में परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र साथ ले जाने से मना कर दिया गया। जबकि, प्रश्न पत्र के नियम व शर्तों के मुताबिक मात्र उत्तर पुस्तिका जमा करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर परीक्षार्थियों ने इसका विरोध किया। बिलासपुर के घुमारवीं में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) में परीक्षार्थी अंकुर कौंडल ने इसका कड़ा विरोध करते हुए इस बारे में जानकारी मांगी।
इस पर उपस्थित स्टाफ ने उन्हें कार्यालय में ले जाकर अलग सा विवरण प्रस्तुत किया। उसमें यह दिखाया गया कि प्रश्नपत्र न ले जाएं। इस लाइन को अलग से हाईलाइट किया गया था। इस पर परीक्षार्थी ने स्टाफ से पूछा कि इस नियम को उल्लेखित क्यों नहीं किया गया। तो जवाब मिला कि नए नियम हैं। प्रश्न उठता है कि बोर्ड द्वारा प्रश्न पत्र परीक्षार्थियों को क्यों नहीं दिए जाते?
उधर, परीक्षार्थियों में दीक्षित, अश्वनी, अंजना, जमुना, कंचन, सुशीला व अंबिका आदि ने भी इसका विरोध किया है। परीक्षार्थियों का कहना है कि इन प्रश्नपत्रों से बोर्ड का क्या फायदा होगा? उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि ऐसी कोई शिकायत अभी तक नहीं आई है।